19 फ़रवरी, 2005

लौटा दे मेरे दिन

जय राम जी की । जय राम जी की ।
सब मंगल तो है ना। हाँ, उनकी कृपा है।

कैसी हो बहना । अच्छी हूँ भैया ।
कब आई घर से । कल ही आई हूँ ।

ओए... जोनी । अरे….यार... दीपक ।
किधर गया था बे। अबे वहीं गया था।

हाय...... स्वीटी। हैल्लो......मनीष ।
हाउ आर यू कूल....... यार

अपने हुए पराए । बेगाने कितने न्यारे ।
बातें मतलबी हुई । खोई हँसी स्माइली में ।

कयॉ खो गया । ढूँढता पागलों सा मैं।
कम से कम तू ही, लौटा दे मेरे दिन ।

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